लॉकडाउन 3.0 में कैसे तय होंगे जोन

लॉकडाउन 3.0 में कैसे तय होंगे जोन
लॉकडाउन 3.0 में कैसे तय होंगे जोन

लॉकडाउन की संक्षेप में जानकारी

  • लॉकडाउन को गृहमंत्रालय द्वारा 17 मई से 3 मई तक बढ़ाया गया है।
  • हर हफ्ते सरकार हर जिले की रिस्क प्रोफाइलिंग करेगी।
  • देश को तीन जोन में वर्गीकृत किया गया
  • देश में फिलहाल 130 जिले रेड जोन,284 जिले ऑरेंज जोन और 319 जिले ग्रीन जोन
  • देशभर के ग्रीन जोन को कुछ रिवायते मिलेंगी
  • पहले ग्रीन जोन के लिए 28 दिन की शर्त थी
  • अब जहा 21 दिन से कोई केस नहीं होगा वो जिला ग्रीन जोन में आएगा।

विस्तारपूर्वक जानकारी

कोरोना वायरस की महामारी के कारन भारत में लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ा दिया गया है। पहले यह लॉकडाउन 3 मई को खत्म होने वाला था। शुक्रवार शाम 1 मई को गृहमंत्रालय ने लॉकडाउन के तीसरे संक्रमण यानी 4 मई से 17 मई तक की घोषणा की। लॉकडाउन के दौरान जारी रहने वाली गतिविधियों के लिए गृहमंत्रालय ने एडवाइजर भी जारी किया है। पूरे भारत देश को तीन जोन में बाँट कर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग होगी।वह तीन जोन रेड,ऑरेंज,और ग्रीन है।

भारत देश में फिलहाल 130 जिले रेड जोन,284 जिले ऑरेंज जोन और 319 जिले ग्रीन जोन में आते है। हफ्ते दर हफ्ते सरकार हर जिले की रिस्क प्रोफाइलिंग करेगी। राज्य सरकारों और केंद्रशासित प्रदेशों को स्वस्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन के बारे में समय समय पर जानकारी दी जायेगी। राज्यों को अपने में आने वाले जिलों को स्वयं से रेड और ऑरेंज जोन में बांटने की इजाज़त नहीं दी जाएगी।

क्या है रेड,ऑरेंज और ग्रीन जोन ?

क्या है रेड,ऑरेंज और ग्रीन जोन ?
क्या है रेड,ऑरेंज और ग्रीन जोन ?


देश को तीन जोन में बांटने के पीछे उचित कारण है। किसी भी जिला या इलाके के रेड,ऑरेंज और ग्रीन जोन में आने पर ही वह कानून व्यवस्था लागू होती है,उसी के आधार पर छूट और रियायत मिलती है। ये जोन यह भी बताते है की किन क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण के क्या हालात है ? सबसे ज्यादा संवेदनशील इलाकों को संक्रमण के खतरे वाले जिलों को रेड जोन में रखा जाता है। अगर आपका इलाका या जिला रेड जोन में आता है

और अगले 14 दिन तक कोई नया मामला सामने नहीं आये तो उस इलाके को ऑरेंज में बदल दिया जाता है। इस जोन में संक्रमण वाले इलाको को छोड़कर दूसरे क्षेत्रों में पाबंदियों में कुछ छूट दी जाती है। अगर पीछे 21 दिन से किसी जिले में कोई कोरोना का नया मामला सामने नहीं आता या दर्ज हुआ हो तो रेड जोन को ग्रीन जोन में बदल दिया जाता है। पहले इस जोन के लिए 28 दिन की शर्त थी।

अब जहाँ 21 दिन से कोई केस नहीं होगा वो जिला ग्रीन जोन

इस बार के लॉकडाउन में कुछ छूट बरती गयी है। ग्रीन जोन में कई तरह की रियायतें सरकार द्वारा दी गयी है ।अगर आपका जिला रेड जोन घोषित है और अगले 21 दिन तक कोई नया केस दर्ज नहीं हुआ तो आपके जिले को रेड जोन से ग्रीन जोन में तब्दील क्र दिया जाएगा। पहले ग्रीन जोन के लिए 28 दिन की शर्त राखी गई थी।

स्वस्थ्य सचिव ने राज्य को लिहके अपने पत्र में कहा की ग्र्रीन जोन के अंतर्गत आने वाली उन्ही जिलों की गिनती की जायेगी जहा अब संक्रमण का कोई मामला नहीं है। इसके तहत आने वाली सभी जिलों के 21 दिन का रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है। ग्रीन जोन के साथ साथ ऑरेंज जोन में भी ई-कॉमर्स की मंजूरी दी गयी है।

इस जोन में गैर-जरूरी सामानो की ऑनलाइन डिलीवरी पर भी छूट दी गयी है। ग्रीन जोन में 50 फीसदी सवारी लेकर बसें चलाने के साथ बस डेपो पर 50 फीसदी कर्मचारी के काम करने की छूट भी दी गयी है। ऑरेंज जोन में टैक्सी में सिर्फ एक व्यक्ति को जाने की अनुमति भी दी गयी है।

रेड जोन से सशर्त राहत

रेड जोन से सशर्त राहत
रेड जोन से सशर्त राहत

रेड जोन में आने वाले इलाको या क्षेत्रो में जरूरी काम के लिए चारपहिया गाडी में दो लोग के जाने की मंजूरी दी गयी है। दोपहिया वाहनों के मामले में दोहरी सवारी पर प्रतिबन्ध है। सभी मेट्रो शहरों को रेड जोन में रखा गया है क्योकिं वह रस्क ज्यादा मन जा रहा है। 17 मई तक देश में हवाई जहाज, रेल सब बंद कर दिया गया है।

ग्रामीण इलाको के रेड जोन में उद्योगों को मंजूरी दी गयी है। 65 साल से ज्यादा और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर घर पर रहने की नसीयत दी गयी है। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया,कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग सेवाएँ चालु करने की छूट दी गयी है। दवाओं फार्मास्युटिकल्स ,चिकित्सा उपकरण को सामाजिक दूरी के साथ चालू करने की अनुमति दी गयी है।

लॉकडाउन 3.0 में कैसे तय होंगे जोन

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