Technical SEO Kya Hai इसकी पूरी जानकारी

Technical SEO Kya Hai – अगर आपने ऑनलाइन मार्केटिंग और Search engine optimization के वर्ल्ड में हाल-फिलहाल में एंट्री की है,तो आपको छोटे-छोटे चीज़ो को जानना बहुत जरूरी है। आज हम एक बहुत ही महत्वपूर्ण SEO technique के बारे में इस आर्टिकल में बात करेंगे।

echnical महज एक search engine optimization technique है,जिसकी मदद से हम search engine को हमारे blog को ठीक से समझने और crawling करने में मदद करते है। दूसरी तरह से देख जाए तो technical SEO से हम हमारे ब्लॉग का user experience बढ़ाते है। चलिए technical SEO क्या है इसके बारे में विस्तार से जानते है।

Technical SEO Kya Hai
Technical SEO Kya Hai

Technical SEO क्या है?

यह एक search engine optimization का हिस्सा है, जिसकी सहायता से हम हमारी website को बढ़िया तरीके से ऑप्टिमाइज़ कर सकते है। असल में यह on -page और off -page ऑप्टिमाइजेशन का कॉम्बिनेशन है जैसे की, एक content को सर्च इंजन के अकॉर्डिंग ऑप्टिमाइज़ करके पब्लिश करने के बाद Googlebot या दूसरे search engine के बोट्स का काम उसे crawling करके search result में index करना होता है। इस प्रोसेस को पूरा करने के लिए और क्रॉलिंग botes को हमारे पेज तक पहुंचने के लिए जो मदद करता है,वह है technical SEO.

Website SEO Kaise Kare
Website SEO Kaise Kare

अगर हमारे वेबसाइट या ब्लॉग में कोई कोई broken link है तो जब कोई visitor उस broken link पर क्लिक करता है तब visitor को जिस पेज पर जाना है उस पेज पर नहीं जा पता,जिससे की bad user experience हो जाता है। वहीँ search botes जब ऐसे पेज को crawl कर रहे होते है तो उनको किसी पेज में ऐसे broken link मिल जाए तो webmaster tool में 404 का error आ जाता है,

जिसका अर्थ आता है की botes को page to page crawling करने में रुकावट आई है। जिसके वजह से अगर कोई post update हुई है और उसमे ऐसे broken link है तो उसकी rank फटाक से drop होती है। वहीँ पर अगर कोई नई पेज publish किया गया हो तो उसकी value काम हो जाती है, और बदले में webpage काफी दूर rank करता है। तो ऐसी समस्या ना हो इसलिए technical optimization किया जाता है।

आसान सब्दो में कहे तो जब हम किसी वेबसाइट को On-page SEO और off-page SEO से optimize करते है,तो उस पेज में user experience साथ search botes के crawling and indexing की प्रक्रिया में कोई भी मुश्किल या रुकावट ना आये इसकी केयर करने को ही technical SEO कहते है। ताकि कोई भी website search engine result पेज में बढ़िया perform कर सकें।

Technical SEO Guide (मार्गदर्शक)

  1. Website loading speed

क्या आप यह जानते हैं की अगर कोई website 2.5 सेकंड से ज्यादा टाइम load लेने में लेती है तो 80% से ज्यादा users page quite कर देते है। वही Amazon जैसे website 100ms भी लेट करती है तो उनके 2% के revenue का loss होता है।सबसे बड़ी बात तो यह है की google रैंकिंग factors में से loading speed काफी matter करती है। गूगल ने officially यह घोषणा कर दी है की 3 सेकंड से जल्दी load होने वाली website अच्छा रैंक करेगी।

  1. Make sure the website is crawlable

सबसे पहले basic कदम यह है की आपका blog googles search console या दूसरे किसी भी webmaster tool में submit किया होना चाहिए। तब जाके ही कोई webmaster आपके site को search engine में index कर पायेगा। उसे बाद आपको यह चेक करना होगा की पोस्ट पब्लिश करने के बाद, वो search result में आ रहे है या नहीं। अगर submitted या indexed numbers से ज्यादा difference नहीं है तो कोई प्रॉब्लम नहीं है। लेकिन अगर काफी ज्यादा अंतर है तो आप एक बार search console में crawl error का सेक्शन जरूर चेक करिये।

  1. Robots.txt

इसके नाम से ही इसके simplycity का पता चलता है। यह एक simple text file है, जिसे हम notepad में लिखते है। लेकिन सिर्फ इसका extension simple है। रियल में तो यह किसी भी ब्लॉग का important हिस्सा है। इसके द्वारा हम webmaster को यह बता सकते है की कौन- से भाग को index करना है और कौन- से भाग को non-index करना है।

इसका मतलब की हमे search engine को allow करना है की कौन-से भाग को स्कैन करना है और कौन-से नहीं । यह बहुत ही जरूरी है। क्योंकि हमारे ब्लॉग में ऐसे काफी sensetive part होते है,जिन्हे हम search result में नहीं लाना चाहते है जिससे की blog की गोपनीयता बानी रहे। और कभी भी blog की category और tags को index नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे duplicate content की problem आती है। जिससे की ranking भी कम हो जाती है।

  1. duplicalte content

यह webmaster tool में काफी कॉमन error है पर इससे रैंकिंग में बहुत ही बड़ा घाटा हो सकता है। दरअसल duplicate content का मतलब होता है कि दो अलग-अलग पोस्ट में title,meta description और content के कुछ हिस्से में कुछ similarity हो तो webmaster tool में इसे duplicate content का flag देता है।

यह अधिकतर एक ही टॉपिक पर और एक से अधिक posts; tag और category का index होना या फिर copyright content की वजह से होता है। जिससे कि search engine confuse हो जाता है कि कौन सा कंटेंट ओरिजिनल है और किसको रैंक देनी चाहिए।

  1. Https redirection

आजकल internet की दुनिया में security का बहुत बड़ा ट्रेंड है। इसलिए अपने साइट पर SSL certificate enable करना अनिवार्य है। और तो और गूगल भी हमें search console और adsense के जरिए बार-बार संदेश देता है कि SSLsite को https पर भी redirect करना काफी जरूरी है।

ऊपर से वह officially घोषणा भी कर दिया है कि, हम https enabled को रैंकिंग फैक्टर की तरह देखते हैंभी google chrome ने 2017 से without SSL certificate वाले वेबसाइट को ब्राउजर में not secure ऐसा tag दिखाना शुरू किया है।अब technical SEO के नजरिये से हमे इस बात का ध्यान रखना पड़ेगा की अगर site पर SSL enable किया है तो यह बहुत जरूरी है की, http to https ठीक से किया जाना चाहिए। वहां पर किसी भी प्रकार का error नहीं होना चाहिए, और साथ ही कुछ page http और कुछ page https के साथ load हो रहे है। यह भी प्रोब्लेमैटिक हो सकता है।

  1. Mobile friendly website

जैसे internet security का trend बहुत है, ठीक वैसे ही मोबाइल users की संख्या भी बहुत ज्यादा है। google पर लगभग 60-70% users मोबाइल से आते है। सभी experts और बड़ी बड़ी कंपनियों का ऐसा मानना है की आने वाले समय में मोबाइल users का जमाना होने वाला है। तो इतने बड़े market place के लिए हमे भी अभी से तैयार रहना पड़ेगा।
आपकी website का mobile friendly होना बहुत जरूरी है।

और अगर ऐसा नहीं है तो आपकी website कभी ranking नहीं करेगी। और आप चाहे कितना भी seo कर ले कोई फायदा नहीं होगा। इसके लिए बहुत सिंपल तरीका है की आप मोबाइल फ्रेंडली थीम का इस्तेमाल करे। कुछ thems पहले से ही मोबाइल अनुकूलित होती है। मतलब अगर आपकी website मोबाइल फ्रेंडली है यानी चेक करना है तो आप google test tool की मदद ले सकते है। दूसरा यह की अगर कोई ऐसा पार्ट है जो मोबाइल user के लिए optimize नहीं है, तो आप hide कर दें या फिर css code को use मोबाइल स्क्रीन के लिए अनुकूल कर दें।

  1. Broken links

इसके बारे में हमने शुरुआत में ही चर्चा की है, पर फिर भी मैं इसके बारे में आपको दोबारा बताना पसंद करूंगी। broken link यानी वो लिंक होता है जिसका अस्तित्व नहीं होता या नहीं उस लिंक पर क्लिक करने पर यूजर 404 not found पेज पर चला जाता है। अगर हमारे कोई भी पोस्ट में ऐसे लिख मौजूद है,

तो ऐसा समझ लीजिए कि कोई भी यूजर उस dead link पर क्लिक करता है तो इससे bad user experience हो जाता है। और गूगल dead link के webpage अथवा पोस्ट को कभी भी ऊपर नहीं लेगा। क्योंकि वह कभी ऐसा नहीं जाएगा कि उसके यूजर को वो ऐसे bad कंटेंट प्रोवाइड करें जिसमें internal links की जगह dead links serve की गई।

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